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mahabharat 11.15.8: आपके पुत्र ने हम सबके सामने द्रौपदी को अपनी बाईं जांघ दिखाकर हम सबके लिए और भी अप्रिय कार्य किया।   |   mahabharat अध्याय 11.15: भीमसेनका गान्धारीको अपनी सफाई देते हुए उनसे क्षमा माँगना, युधिष्ठिरका अपना अपराध स्वीकार करना, गान्धारीके दृष्टिपातसे युधिष्ठिरके पैरोंके नखोंका काला पड़ जाना, अर्जुनका भयभीत होकर श्रीकृष्णके पीछे छिप जाना, पाण्डवोंका अपनी मातासे मिलना, द्रौपदीका विलाप, कुन्तीका आश्वासन तथा गान्धारीका उन दोनोंको धीरज बँधाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 15: भीमसेनका गान्धारीको अपनी सफाई देते हुए उनसे क्षमा माँगना, युधिष्ठिरका अपना अपराध स्वीकार करना, गान्धारीके दृष्टिपातसे युधिष्ठिरके पैरोंके नखोंका काला पड़ जाना, अर्जुनका भयभीत होकर श्रीकृष्णके पीछे छिप जाना, पाण्डवोंका अपनी मातासे मिलना, द्रौपदीका विलाप, कुन्तीका आश्वासन तथा गान्धारीका उन दोनोंको धीरज बँधाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  11.15.8 
तथाप्यप्रियमस्माकं पुत्रस्ते समुपाचरत्।
द्रौपद्या यत् सभामध्ये सव्यमूरुमदर्शयत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
आपके पुत्र ने हम सबके सामने द्रौपदी को अपनी बाईं जांघ दिखाकर हम सबके लिए और भी अप्रिय कार्य किया।
 
'Your son did something even more displeasing to all of us by showing his left thigh to Draupadi in the presence of everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)