Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.15.29-30: राजा युधिष्ठिर गांधारी के चरणों में गिरना चाहते थे। इसी बीच, धर्मज्ञ और दूरदर्शी देवी गांधारी ने पट्टी के भीतर से राजा युधिष्ठिर के पैर के अंगूठे के अग्रभाग देख लिए। राजा के नाखून काले पड़ गए। पहले उनके नाखून अत्यंत सुंदर और दर्शनीय थे। 29-30. | mahabharat अध्याय 11.15: भीमसेनका गान्धारीको अपनी सफाई देते हुए उनसे क्षमा माँगना, युधिष्ठिरका अपना अपराध स्वीकार करना, गान्धारीके दृष्टिपातसे युधिष्ठिरके पैरोंके नखोंका काला पड़ जाना, अर्जुनका भयभीत होकर श्रीकृष्णके पीछे छिप जाना, पाण्डवोंका अपनी मातासे मिलना, द्रौपदीका विलाप, कुन्तीका आश्वासन तथा गान्धारीका उन दोनोंको धीरज बँधाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्यावनतदेहस्य पादयोर्निपतिष्यत:।
युधिष्ठिरस्य नृपतेर्धर्मज्ञा दीर्घदर्शिनी॥ २९॥
अंगुल्यग्राणि ददृशे देवी पट्टान्तरेण सा।
तत: स कुनखीभूतो दर्शनीयनखो नृप:॥ ३०॥
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर गांधारी के चरणों में गिरना चाहते थे। इसी बीच, धर्मज्ञ और दूरदर्शी देवी गांधारी ने पट्टी के भीतर से राजा युधिष्ठिर के पैर के अंगूठे के अग्रभाग देख लिए। राजा के नाखून काले पड़ गए। पहले उनके नाखून अत्यंत सुंदर और दर्शनीय थे। 29-30.
King Yudhishthira wanted to bow down and fall at the feet of Gandhari. Meanwhile, Goddess Gandhari, who knew the Dharma and had farsightedness, saw the tips of the toes of King Yudhishthira from inside the bandage. The King's nails turned black. Earlier, his nails were very beautiful and worth seeing. 29-30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥