Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.14.18: कौरव आपस में लड़कर मार-काट मचा रहे थे और अपने अन्य साथियों सहित मारे गए; अतः इसमें मुझे कुछ भी अप्रिय नहीं लगता ॥18॥ | mahabharat अध्याय 11.14: पाण्डवोंको शाप देनेके लिये उद्यत हुई गान्धारीको व्यासजीका समझाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युध्यमाना हि कौरव्या: कृन्तमाना: परस्परम्।
निहता: सहिताश्चान्यैस्तच्च नास्त्यप्रियं मम॥ १८॥
अनुवाद
कौरव आपस में लड़कर मार-काट मचा रहे थे और अपने अन्य साथियों सहित मारे गए; अतः इसमें मुझे कुछ भी अप्रिय नहीं लगता ॥18॥
The Kauravas were fighting and carnaging among themselves and were killed along with their other companions; therefore, there is nothing distasteful to me in this. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥