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mahabharat 11.13.9: अपने ही अपराध के कारण संकट में पड़े हुए भीमसेन को तुम क्यों मारना चाहते हो? अतः क्रोध को वश में करो और अपने दुष्कर्मों का स्मरण करो॥9॥   |   mahabharat अध्याय 11.13: श्रीकृष्णका धृतराष्ट्रको फटकारकर उनका क्रोध शान्त करना और धृतराष्ट्रका पाण्डवोंको हृदयसे लगाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.13.9 
आत्मापराधादापन्नस्तत् किं भीमं जिघांससि।
तस्मात् संयच्छ कोपं त्वं स्वमनुस्मर दुष्कृतम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
अपने ही अपराध के कारण संकट में पड़े हुए भीमसेन को तुम क्यों मारना चाहते हो? अतः क्रोध को वश में करो और अपने दुष्कर्मों का स्मरण करो॥9॥
 
'Why do you want to kill Bhimasena when he is in trouble due to your own crime? Therefore, control your anger and remember your misdeeds.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)