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mahabharat 11.13.14: श्री कृष्ण! यह सौभाग्य है कि बलवान और सत्यवादी भीमसेन आपसे सुरक्षित रहते हुए मेरी भुजाओं के बीच नहीं आये॥14॥   |   mahabharat अध्याय 11.13: श्रीकृष्णका धृतराष्ट्रको फटकारकर उनका क्रोध शान्त करना और धृतराष्ट्रका पाण्डवोंको हृदयसे लगाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.13.14 
दिष्टॺा तु पुरुषव्याघ्रो बलवान् सत्यविक्रम:।
त्वद्‍गुप्तो नागमत् कृष्ण भीमो बाह्वन्तरं मम॥ १४॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! यह सौभाग्य है कि बलवान और सत्यवादी भीमसेन आपसे सुरक्षित रहते हुए मेरी भुजाओं के बीच नहीं आये॥14॥
 
'Sri Krishna! It is fortunate that Bhimsen, the strong and truthful man, safe from you, did not come between my arms. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)