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mahabharat 11.12.8: महाबाहो! द्रोणाचार्य, भीष्म पितामह और जयद्रथ को मारने के बाद तुम्हारी मनःस्थिति क्या थी?॥8॥   |   mahabharat अध्याय 11.12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  11.12.8 
घातयित्वा कथं द्रोणं भीष्मं चापि पितामहम्।
मनस्तेऽभून्महाबाहो हत्वा चापि जयद्रथम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! द्रोणाचार्य, भीष्म पितामह और जयद्रथ को मारने के बाद तुम्हारी मनःस्थिति क्या थी?॥8॥
 
‘Mahabaho! What was the state of your mind after killing Dronacharya, Bhishma Pitamah and Jaydrath?॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)