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श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  11.12.7 
क्व नु धर्मज्ञता राज्ञ: क्व नु साद्यानृशंसता।
यच्चावधीत् पितॄन् भ्रातॄन् गुरुपुत्रान् सखीनपि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वह बोली, 'अहा! राजा का धर्म-ज्ञान और दया कहाँ चली गई कि उसने अपने चाचा, मामा, भाई, गुरुपुत्रों और मित्रों को भी मार डाला?'
 
She said, 'Oh! Where did the king's knowledge of Dharma and kindness go that he killed his uncle, paternal uncle, brother, Guru's sons and friends also? 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)