श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  11.12.27 
तस्मात् पुत्रेण या तेऽसौ प्रतिमा कारिताऽऽयसी।
भीमस्य सेयं कौरव्य तवैवोपहृता मया॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुनन्दन! इसलिए मैंने आपके पुत्र द्वारा बनाई हुई भीमसेन की लौह मूर्ति आपको भेंट की है॥ 27॥
 
'Kurunandan! Therefore I presented to you the iron statue of Bhimasena that your son had made.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)