श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  11.12.25 
न हि ते राजशार्दूल बले तुल्योऽस्ति कश्चन।
क: सहेत महाबाहो बाह्वोर्विग्रहणं नर:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे राजासिंह! बल में आपकी बराबरी करनेवाला कोई नहीं है। हे महाबाहो! आपकी दोनों भुजाओं की पकड़ को कौन झेल सकता है?॥ 25॥
 
‘O King Singh! There is no one who can equal you in strength. O Mahabaho! Who can withstand the grip of your two arms?॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)