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श्लोक  11.10.9 
प्रकीर्य केशान् सुशुभान् भूषणान्यवमुच्य च।
एकवस्त्रधरा नार्य: परिपेतुरनाथवत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वे स्त्रियाँ अपने सुन्दर केश बिखरे हुए, सारे आभूषण उतारकर केवल एक वस्त्र धारण किए हुए अनाथों की भाँति युद्धभूमि की ओर जा रही थीं।
 
Those women, with their beautiful hair disheveled, having taken off all their ornaments and wearing only one garment, were going towards the battle-field like orphans.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)