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mahabharat 11.10.14: जो युवतियाँ पहले अपनी सहेलियों के सामने भी लज्जा अनुभव करती थीं, वे उस दिन लज्जा छोड़कर केवल एक वस्त्र पहनकर अपनी सासों के सामने आईं॥14॥   |   mahabharat अध्याय 11.10: स्त्रियों और प्रजाके लोगोंके सहित राजा धृतराष्ट्रका रणभूमिमें जानेके लिये नगरसे बाहर निकलना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.10.14 
व्रीडां जग्मु: पुरा या: स्म सखीनामपि योषित:।
ता एकवस्त्रा निर्लज्जा: श्वश्रूणां पुरतोऽभवन्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जो युवतियाँ पहले अपनी सहेलियों के सामने भी लज्जा अनुभव करती थीं, वे उस दिन लज्जा छोड़कर केवल एक वस्त्र पहनकर अपनी सासों के सामने आईं॥14॥
 
The young girls who earlier used to feel shy even in appearing before their friends, on that day left aside their shyness and appeared before their mother-in-laws wearing only one garment.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)