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mahabharat 11.1.7-8h: इस समय यह पृथ्वी वीरान और सूनी-सूनी प्रतीत हो रही है। नाना देशों के राजा नाना दिशाओं से आये हैं और वे सब आपके पुत्र सहित मृत्यु के मुख में चले गये हैं।   |   mahabharat अध्याय 11.1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  11.1.7-8h 
निर्जनेयं वसुमती शून्या सम्प्रति केवला।
नानादिग्भ्य: समागम्य नानादेश्या नराधिपा:॥ ७॥
सहैव तव पुत्रेण सर्वे वै निधनं गता:।
 
 
अनुवाद
इस समय यह पृथ्वी वीरान और सूनी-सूनी प्रतीत हो रही है। नाना देशों के राजा नाना दिशाओं से आये हैं और वे सब आपके पुत्र सहित मृत्यु के मुख में चले गये हैं।
 
‘At this time this earth appears deserted and desolate. The kings of various countries have come from various directions and all of them have gone to the jaws of death along with your son. 7 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)