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mahabharat 11.1.27-28h: दुःशासन, दुष्टात्मा राधापुत्र कर्ण, दुष्टात्मा शकुनि, मूर्ख चित्रसेन तथा जिन्होंने सम्पूर्ण विश्व को शल्य (कण्टककीर्ण) के समान बना दिया था - ये लोग दुर्योधन के मंत्री थे। 27 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 11.1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  11.1.27-28h 
यस्य दु:शासनो मन्त्री राधेयश्च दुरात्मवान्।
शकुनिश्चैव दुष्टात्मा चित्रसेनश्च दुर्मति:॥ २७॥
शल्यश्च येन वै सर्वं शल्यभूतं कृतं जगत‍्।
 
 
अनुवाद
दुःशासन, दुष्टात्मा राधापुत्र कर्ण, दुष्टात्मा शकुनि, मूर्ख चित्रसेन तथा जिन्होंने सम्पूर्ण विश्व को शल्य (कण्टककीर्ण) के समान बना दिया था - ये लोग दुर्योधन के मंत्री थे। 27 1/2॥
 
'Dushasana, evil spirit Radha's son Karna, evil spirit Shakuni, foolish Chitrasen and those who had made the whole world like Shalya (Kantakakirna) - these people were the ministers of Duryodhana. 27 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)