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mahabharat 11.1.2: इसी प्रकार महामनस्वी कुरुराज धर्मपुत्र युधिष्ठिर तथा कृपाचार्य आदि तीन महारथियों ने इसके बाद क्या किया?॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 11.1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  11.1.2 
तथैव कौरवो राजा धर्मपुत्रो महामना:।
कृपप्रभृतयश्चैव किमकुर्वत ते त्रय:॥ २॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार महामनस्वी कुरुराज धर्मपुत्र युधिष्ठिर तथा कृपाचार्य आदि तीन महारथियों ने इसके बाद क्या किया?॥ 2॥
 
Similarly, what did the great-minded Kuru king, Dharmaputra Yudhishthir and the three great warriors like Kripacharya do after this?॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)