Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.9.7-8h: वे तीनों महारथी रक्त से लथपथ थे और भारी साँसें ले रहे थे। उनसे घिरा हुआ राजा दुर्योधन तीन अग्नियों से घिरी हुई वेदी के समान शोभायमान हो रहा था। | mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तैस्त्रिभि: शोणितादिग्धैर्नि:श्वसद्भिर्महारथै:॥ ७॥
शुशुभे स वृतो राजा वेदी त्रिभिरिवाग्निभि:।
अनुवाद
वे तीनों महारथी रक्त से लथपथ थे और भारी साँसें ले रहे थे। उनसे घिरा हुआ राजा दुर्योधन तीन अग्नियों से घिरी हुई वेदी के समान शोभायमान हो रहा था।
Those three mighty warriors were soaked in blood and were breathing heavily. Surrounded by them, King Duryodhana looked as beautiful as an altar surrounded by three fires.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥