Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.9.62: हे निष्पाप राजन! आपके पुत्र के स्वर्ग चले जाने से मैं शोक से व्याकुल हूँ। तथा महर्षि व्यास द्वारा मुझे दी गई दिव्य दृष्टि भी अब नष्ट हो गई है।॥62॥ | mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे निष्पाप राजन! आपके पुत्र के स्वर्ग चले जाने से मैं शोक से व्याकुल हूँ। तथा महर्षि व्यास द्वारा मुझे दी गई दिव्य दृष्टि भी अब नष्ट हो गई है।॥62॥
O sinless king! I am overcome with grief at the departure of your son to heaven. And the divine sight given to me by Maharishi Vyasa has also been destroyed now. ॥ 62॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥