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mahabharat 10.9.47: संजय कहते हैं - महाराज ! अचेत हुए, टूटी हुई जांघों वाले राजा दुर्योधन से ऐसा कहकर अश्वत्थामा ने पुनः उसकी ओर देखकर इस प्रकार कहा -॥47॥   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  10.9.47 
संजय उवाच
इत्येवमुक्त्वा राजानं भग्नसक्थमचेतनम्।
अश्वत्थामा समुद्वीक्ष्य पुनर्वचनमब्रवीत्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज ! अचेत हुए, टूटी हुई जांघों वाले राजा दुर्योधन से ऐसा कहकर अश्वत्थामा ने पुनः उसकी ओर देखकर इस प्रकार कहा -॥47॥
 
Sanjaya says: Maharaj! Having said this to the unconscious King Duryodhana whose thighs were broken, Ashvatthama again looked at him and said thus:॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)