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mahabharat 10.9.45-46: जो अन्य श्रेष्ठ राजा स्वर्ग को चले गए हैं, उन सबको मेरी सलाह के अनुसार गले लगाओ और उनका कुशलक्षेम पूछो।॥45-46॥   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 45-46
 
 
श्लोक  10.9.45-46 
तथा पूर्वगतानन्यान् स्वर्गे पार्थिवसत्तमान्॥ ४५॥
अस्मद्वाक्यात् परिष्वज्य सम्पृच्छेस्त्वमनामयम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
जो अन्य श्रेष्ठ राजा स्वर्ग को चले गए हैं, उन सबको मेरी सलाह के अनुसार गले लगाओ और उनका कुशलक्षेम पूछो।॥45-46॥
 
The other great kings who have already gone to heaven, embrace them all as per my advice and ask about their well-being.'॥ 45-46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)