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mahabharat 10.9.37-38h: आपके आशीर्वाद से हमने अपने बन्धु-बान्धवों के साथ मिलकर अनेक महत्त्वपूर्ण यज्ञों का अनुष्ठान किया है, जिनमें प्रचुर मात्रा में आहुति दी गई है॥37 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  10.9.37-38h 
तव प्रसादादस्माभि: समित्रै: सह बान्धवै:॥ ३७॥
अवाप्ता: क्रतवो मुख्या बहवो भूरिदक्षिणा:।
 
 
अनुवाद
आपके आशीर्वाद से हमने अपने बन्धु-बान्धवों के साथ मिलकर अनेक महत्त्वपूर्ण यज्ञों का अनुष्ठान किया है, जिनमें प्रचुर मात्रा में आहुति दी गई है॥37 1/2॥
 
‘With your blessings, we, along with our friends and relatives, have performed several important yagnas with abundant offerings.॥ 37 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)