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श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  10.9.31-32h 
पाण्डवाश्चापि ते सर्वे किं वक्ष्यन्ति नराधिप॥ ३१॥
कथं दुर्योधनोऽस्माभिर्हत इत्यनपत्रपा:।
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! क्या सभी पांडव निर्लज्जतापूर्वक लोगों को बता सकेंगे कि उन्होंने दुर्योधन को कैसे मारा?
 
Lord of men! Will all the Pandavas be able to shamelessly tell the people how they killed Duryodhan?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)