श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  10.9.25 
युद्धेष्वपवदिष्यन्ति योधा नूनं वृकोदरम्।
यावत् स्थास्यन्ति भूतानि निकृत्या ह्यसि पातित:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
"तुम्हारा धोखा हुआ है, इसलिए जब तक इस संसार में प्राणी हैं, तब तक समस्त युद्धों में सभी योद्धा भीमसेन की ही निन्दा करते रहेंगे॥ 25॥
 
"You have been deceived and so as long as creatures exist in this world, in all wars all warriors will only slander Bhimasena.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)