श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  10.9.23 
धर्मयुद्धे ह्यधर्मेण समाहूयौजसा मृधे।
गदया भीमसेनेन निर्भग्ने सक्थिनी तव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन ने तुम्हें धर्मयुद्ध के लिए बुलाया और अधर्म के बल से युद्धभूमि में अपनी गदा से तुम्हारी दोनों जाँघें तोड़ दीं।
 
Bheemasena called you for a righteous war and broke both your thighs with his mace on the battlefield through the power of unrighteousness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)