श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  10.9.16 
भयान्नमन्ति राजानो यस्य स्म शतसंघश:।
स वीरशयने शेते क्रव्याद्भि: परिवारित:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सैकड़ों राजा उसके सामने भय से सिर झुकाते थे, किन्तु आज वह वीरों की शय्या पर, भयंकर पशुओं से घिरा हुआ सो रहा है।
 
Hundreds of kings used to bow their heads in fear before him, but today he is sleeping on the bed of heroes, surrounded by ferocious animals.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)