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mahabharat 10.9.14: ये शत्रुसंहारक राजा, जो समस्त अभिषिक्त राजाओं से आगे चलते थे, आज मृत होकर भूमि पर पड़े धूल चाट रहे हैं। समय का यह उलटा खेल तो देखो॥14॥   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  10.9.14 
योऽयं मूर्धाभिषिक्तानामग्रे यात: परंतप:।
स हतो ग्रसते पांसून् पश्य कालस्य पर्ययम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
ये शत्रुसंहारक राजा, जो समस्त अभिषिक्त राजाओं से आगे चलते थे, आज मृत होकर भूमि पर पड़े धूल चाट रहे हैं। समय का यह उलटा खेल तो देखो॥14॥
 
These enemy-slayer kings who used to march ahead of all the anointed kings are today dead and lying on the ground, biting dust. Look at this reversal of time.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)