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mahabharat 10.9.12: इस गदा ने किसी भी युद्ध में इस वीर राजा का साथ नहीं छोड़ा और आज भी स्वर्ग जाते समय यह गदा इस प्रतापी राजा का साथ नहीं छोड़ रही है।   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  10.9.12 
इयमेनं गदा शूरं न जहाति रणे रणे।
स्वर्गायापि व्रजन्तं हि न जहाति यशस्विनम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस गदा ने किसी भी युद्ध में इस वीर राजा का साथ नहीं छोड़ा और आज भी स्वर्ग जाते समय यह गदा इस प्रतापी राजा का साथ नहीं छोड़ रही है।
 
This mace never left the side of this valiant king in any war and even today it is not leaving the side of the glorious king while he is going to heaven.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)