Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.95-96h: राजा! मारे गए योद्धाओं का विलाप सुनकर हाथी और घोड़े भय से काँप उठे और बंधन से मुक्त होकर शिविर में रहने वालों को कुचलते हुए सब दिशाओं में भागने लगे॥95 1/2॥ | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! मारे गए योद्धाओं का विलाप सुनकर हाथी और घोड़े भय से काँप उठे और बंधन से मुक्त होकर शिविर में रहने वालों को कुचलते हुए सब दिशाओं में भागने लगे॥95 1/2॥
King! On hearing the wailing cries of the slain warriors, the elephants and horses trembled in fear and, freed from their bonds, began running in all directions, trampling the people living in the camp.॥ 95 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥