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mahabharat 10.8.81: जो लोग नींद के कारण अन्धे और अचेत थे, वे उसकी आवाज सुनकर चौंककर उठ खड़े हुए; परन्तु फिर भयभीत होकर इधर-उधर छिप गए। 81.   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  10.8.81 
ततस्तच्छब्दवित्रस्ता उत्पतन्तो भयातुरा:।
निद्रान्धा नष्टसंज्ञाश्च तत्र तत्र निलिल्यिरे॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
जो लोग नींद के कारण अन्धे और अचेत थे, वे उसकी आवाज सुनकर चौंककर उठ खड़े हुए; परन्तु फिर भयभीत होकर इधर-उधर छिप गए। 81.
 
Those who were blind and unconscious due to sleep, were startled by his voice and jumped up; but again, overcome with fear, they hid themselves here and there. 81.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)