Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.73-74: जब से कौरव और पांडव सेनाओं में युद्ध आरम्भ हुआ था, तब से वे कन्या रूप में वीरांगना कालरात्रि और काले रूप में अश्वत्थामा को देखते थे। द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने देवताओं द्वारा पहले से मारे गए उन वीरों का वध कर दिया था। वह अश्वत्थामा भयंकर वाणी से गर्जना करके समस्त प्राणियों को भयभीत कर रहा था। | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब से कौरव और पांडव सेनाओं में युद्ध आरम्भ हुआ था, तब से वे कन्या रूप में वीरांगना कालरात्रि और काले रूप में अश्वत्थामा को देखते थे। द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने देवताओं द्वारा पहले से मारे गए उन वीरों का वध कर दिया था। वह अश्वत्थामा भयंकर वाणी से गर्जना करके समस्त प्राणियों को भयभीत कर रहा था।
Ever since the battle between Kaurava and Pandava armies had started, they used to see the warrior Kaalratri in the form of a girl and Ashwatthama in the form of black. Drona's son Ashwatthama had killed those heroes already killed by the gods. That Ashwatthama was terrifying all living beings by roaring with a terrible voice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥