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mahabharat 10.8.64-65h: तब महाबली द्रोणपुत्र ने क्रोध में आकर शिखंडी के पास जाकर अपनी तलवार से उसके दो टुकड़े कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 64-65h
 
 
श्लोक  10.8.64-65h 
स तु क्रोधसमाविष्टो द्रोणपुत्रो महाबल:॥ ६४॥
शिखण्डिनं समासाद्य द्विधा चिच्छेद सोऽसिना।
 
 
अनुवाद
तब महाबली द्रोणपुत्र ने क्रोध में आकर शिखंडी के पास जाकर अपनी तलवार से उसके दो टुकड़े कर दिए।
 
Then the mighty son of Drona, in a fit of rage, went to Shikhandi and cut him into two pieces with his sword.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)