Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.63-64h: तत्पश्चात् महाबली भीष्महन्त शिखण्डी ने समस्त प्रभाद्रों के साथ मिलकर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों द्वारा अश्वत्थामा पर सब ओर से आक्रमण करना आरम्भ किया और एक अन्य बाण से उसकी दोनों भौंहों के मध्य में चोट पहुँचाई। 63 1/2॥ | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् महाबली भीष्महन्त शिखण्डी ने समस्त प्रभाद्रों के साथ मिलकर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों द्वारा अश्वत्थामा पर सब ओर से आक्रमण करना आरम्भ किया और एक अन्य बाण से उसकी दोनों भौंहों के मध्य में चोट पहुँचाई। 63 1/2॥
Thereafter, the mighty Bhishmahanta Shikhandi along with all the Prabhadras started attacking Ashwatthama from all sides with different types of weapons and with another arrow he hit him between his two eyebrows. 63 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥