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mahabharat 10.8.60: अश्वत्थामा ने अपनी तीक्ष्ण तलवार से श्रुतकर्मा के मुख पर प्रहार किया। वह घायल होकर भूमि पर गिर पड़ा। उस समय उसका मुख विकृत हो गया था।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  10.8.60 
स तु तं श्रुतकर्माणमास्ये जघ्ने वरासिना।
स हतो न्यपतद् भूमौ विमूढो विकृतानन:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
अश्वत्थामा ने अपनी तीक्ष्ण तलवार से श्रुतकर्मा के मुख पर प्रहार किया। वह घायल होकर भूमि पर गिर पड़ा। उस समय उसका मुख विकृत हो गया था।
 
Ashvatthama attacked Shrutkarma's face with his sharp sword. He got hit and fell unconscious on the ground. His face was distorted at that time. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)