Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 10.8.49-50h: वह निर्भय होकर अश्वत्थामा पर बाणों की वर्षा करने लगा। तत्पश्चात, शोर सुनकर वीर प्रभद्रक जाग उठे। शिखंडी भी उनके साथ हो लिया। वे सभी द्रोणपुत्र को कष्ट देने लगे।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  10.8.49-50h 
अवाकिरन् शरव्रातैर्भारद्वाजमभीतवत्।
ततस्तेन निनादेन सम्प्रबुद्धा: प्रभद्रका:॥ ४९॥
शिलीमुखै: शिखण्डी च द्रोणपुत्रं समार्दयन्।
 
 
अनुवाद
वह निर्भय होकर अश्वत्थामा पर बाणों की वर्षा करने लगा। तत्पश्चात, शोर सुनकर वीर प्रभद्रक जाग उठे। शिखंडी भी उनके साथ हो लिया। वे सभी द्रोणपुत्र को कष्ट देने लगे।
 
Fearlessly, he started showering arrows on Ashwatthama. Thereafter, hearing the noise, the brave Prabhadrakas woke up. Shikhandi also joined them. All of them started tormenting Drona's son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)