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mahabharat 10.8.47: वह भयानक रूप वाला द्रोणपुत्र मृत्यु के समान सम्पूर्ण शिविर में विचरण करने लगा। उसने द्रौपदी के पाँचों पुत्रों तथा मृत्यु से बच निकले सोम को देखा। 47.   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  10.8.47 
स घोररूपो व्यचरत् कालवच्छिविरे तत:।
अपश्यद् द्रौपदीपुत्रानवशिष्टांश्च सोमकान्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
वह भयानक रूप वाला द्रोणपुत्र मृत्यु के समान सम्पूर्ण शिविर में विचरण करने लगा। उसने द्रौपदी के पाँचों पुत्रों तथा मृत्यु से बच निकले सोम को देखा। 47.
 
That terrifying looking son of Drona started roaming in the entire camp like death. He saw the five sons of Draupadi and the Soma who had escaped death. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)