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mahabharat 10.8.42: अपनी शक्तिशाली तलवार से उसने योद्धाओं, घोड़ों और हाथियों को टुकड़े-टुकड़े कर डाला। उसका पूरा शरीर खून से लथपथ था और वह मृत्यु से व्याकुल यमराज के समान प्रतीत हो रहा था।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  10.8.42 
योधानश्वान् द्विपांश्चैव प्राच्छिनत् स वरासिना।
रुधिरोक्षितसर्वाङ्ग: कालसृष्ट इवान्तक:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
अपनी शक्तिशाली तलवार से उसने योद्धाओं, घोड़ों और हाथियों को टुकड़े-टुकड़े कर डाला। उसका पूरा शरीर खून से लथपथ था और वह मृत्यु से व्याकुल यमराज के समान प्रतीत हो रहा था।
 
With his good sword he cut warriors, horses and elephants into pieces. His whole body was soaked in blood and he looked like Yamaraja, driven by death.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)