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mahabharat 10.8.37-38h: अश्वत्थामा ने उस पर झपट्टा मारा और उसे पकड़कर ज़मीन पर पटक दिया। उसने अपने आप को उसके चंगुल से छुड़ाने के लिए संघर्ष किया, लेकिन अश्वत्थामा ने उसे जानवर की तरह गला घोंटकर मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  10.8.37-38h 
तमभिद्रुत्य जग्राह क्षितौ चैनमपातयत्॥ ३७॥
विस्फुरन्तं च पशुवत् तथैवैनममारयत्।
 
 
अनुवाद
अश्वत्थामा ने उस पर झपट्टा मारा और उसे पकड़कर ज़मीन पर पटक दिया। उसने अपने आप को उसके चंगुल से छुड़ाने के लिए संघर्ष किया, लेकिन अश्वत्थामा ने उसे जानवर की तरह गला घोंटकर मार डाला।
 
Ashvatthama pounced upon him and caught him and threw him on the ground. He struggled to free himself from his clutches but Ashvatthama strangled him to death like an animal. 37 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)