vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 10: सौप्तिक पर्व
»
अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध
»
श्लोक 29-30h
श्लोक
10.8.29-30h
राजानं निहतं दृष्ट्वा भृशं शोकपरायणा:॥ २९॥
व्याक्रोशन् क्षत्रिया: सर्वे धृष्टद्युम्नस्य भारत।
अनुवाद
भरतनन्दन! अपने राजा को मारा गया देखकर धृष्टद्युम्न की सेना के सभी क्षत्रिय अत्यन्त दुःखी हो गए और जोर-जोर से विलाप करने लगे। 29 1/2॥
Bharatnandan! Seeing their king killed, all the Kshatriyas of Dhrishtadyumna's army were deeply saddened and started wailing loudly. 29 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×