Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 10.8.28-29h: जब महारथी द्रोणपुत्र धृष्टद्युम्न वहाँ से चले गये, तब वहाँ एकत्रित हुए सभी रक्षकों सहित धृष्टद्युम्न की सभी रानियाँ विलाप करने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  10.8.28-29h 
अपक्रान्ते ततस्तस्मिन् द्रोणपुत्रे महारथे॥ २८॥
सहितै रक्षिभि: सर्वै: प्राणेदुर्योषितस्तदा।
 
 
अनुवाद
जब महारथी द्रोणपुत्र धृष्टद्युम्न वहाँ से चले गये, तब वहाँ एकत्रित हुए सभी रक्षकों सहित धृष्टद्युम्न की सभी रानियाँ विलाप करने लगीं।
 
When the son of the mighty warrior Drona left the place, all the queens of Dhrishtadyumna, along with all the guards who had gathered there, began to weep profusely. 28 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)