Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 10.8.25-26h: जब उन्होंने उस महाबली को धृष्टद्युम्न पर आक्रमण करते देखा, तो उन्होंने उसे भूत समझ लिया; अतः भय के कारण वे कुछ न बोल सके।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  10.8.25-26h 
ते दृष्ट्वा धर्षयन्तं तमतिमानुषविक्रमम्॥ २५॥
भूतमेवाध्यवस्यन्तो न स्म प्रव्याहरन् भयात्।
 
 
अनुवाद
जब उन्होंने उस महाबली को धृष्टद्युम्न पर आक्रमण करते देखा, तो उन्होंने उसे भूत समझ लिया; अतः भय के कारण वे कुछ न बोल सके।
 
When they saw that mighty man attacking Dhrishtadyumna they thought him to be a ghost; so out of fear they could not say anything. 25 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)