Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 10.8.24-25h: उस समय वीर धृष्टद्युम्न के मारे जाने पर उसके करुण क्रंदन को सुनकर शिविर की स्त्रियाँ तथा सभी रक्षक जाग उठे।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  10.8.24-25h 
तस्य वीरस्य शब्देन मार्यमाणस्य वेश्मनि॥ २४॥
अबुध्यन्त महाराज स्त्रियो ये चास्य रक्षिण:।
 
 
अनुवाद
उस समय वीर धृष्टद्युम्न के मारे जाने पर उसके करुण क्रंदन को सुनकर शिविर की स्त्रियाँ तथा सभी रक्षक जाग उठे।
 
At that time, the women and all the guards in the camp woke up on hearing the wailing cries of the brave Dhrishtadyumna while he was being killed. 24 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)