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mahabharat 10.8.23-24h: उस वीर पुरुष से ऐसा कहकर क्रोधित अश्वत्थामा ने अपनी अत्यन्त भयंकर एड़ियों से उसके प्राणों पर इस प्रकार प्रहार किया, जैसे सिंह उन्मत्त हाथी पर आक्रमण करता है।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  10.8.23-24h 
एवं ब्रुवाणस्तं वीरं सिंहो मत्तमिव द्विपम्॥ २३॥
मर्मस्वभ्यवधीत् क्रुद्ध: पादाष्ठीलै: सुदारुणै:।
 
 
अनुवाद
उस वीर पुरुष से ऐसा कहकर क्रोधित अश्वत्थामा ने अपनी अत्यन्त भयंकर एड़ियों से उसके प्राणों पर इस प्रकार प्रहार किया, जैसे सिंह उन्मत्त हाथी पर आक्रमण करता है।
 
Having said thus to that brave man, the enraged Ashvatthama attacked his vital spots with his extremely fearsome heels, like a lion attacking a mad elephant.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)