Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.2-d1h: क्या उन नीच द्वारपालों ने उन्हें रोका था? क्या किसी ने उन्हें देखा था? क्या ऐसा हो सकता है कि उन दोनों महारथियों को यह कार्य असह्य लगा और वे लौट गए? संजय! क्या अश्वत्थामा ने शिविर को नष्ट करके तथा रात्रि में सोमकों और पाण्डवों का वध करके अपनी प्रतिज्ञा पूरी की थी?॥2 1/2॥ | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्या उन नीच द्वारपालों ने उन्हें रोका था? क्या किसी ने उन्हें देखा था? क्या ऐसा हो सकता है कि उन दोनों महारथियों को यह कार्य असह्य लगा और वे लौट गए? संजय! क्या अश्वत्थामा ने शिविर को नष्ट करके तथा रात्रि में सोमकों और पाण्डवों का वध करके अपनी प्रतिज्ञा पूरी की थी?॥2 1/2॥
Did the lowly gate-guards stop them? Did anyone see them? Could it be that those two mighty warriors found this task unbearable and returned? Sanjaya! Did Ashvatthama fulfill his vow by destroying the camp and killing the Somakas and the Pandavas in the night?॥2 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥