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श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  10.8.16-17h 
तमुत्पतन्तं शयनादश्वत्थामा महाबल:॥ १६॥
केशेष्वालभ्य पाणिभ्यां निष्पिपेष महीतले।
 
 
अनुवाद
अब वह बिस्तर से उठने की कोशिश कर रहा था। उसी समय पराक्रमी अश्वत्थामा ने दोनों हाथों से उसके बाल पकड़ लिए और उसे जमीन पर पटक कर जोर से रगड़ा।
 
Now he tried to get up from the bed. At that moment the mighty Ashvatthama caught hold of his hair with both hands and threw him on the ground and rubbed him hard there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)