श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  10.8.159 
इदानीं कृतकृत्या: स्म याम तत्रैव मा चिरम्।
यदि जीवति नो राजा तस्मै शंसमहे वयम्॥ १५९॥
 
 
अनुवाद
इस समय हम संतुष्ट हैं। अब हमें शीघ्र ही वहाँ जाना चाहिए। यदि हमारे राजा दुर्योधन जीवित हों, तो हमें उन्हें यह समाचार अवश्य बताना चाहिए ॥159॥
 
At this time we are satisfied. Now we must go there quickly. If our king Duryodhan is alive, we must tell him this news.'॥ 159॥
 
इति श्रीमहाभारते सौप्तिकपर्वणि रात्रियुद्धे पाञ्चालादिवधेऽष्टमोऽध्याय:॥ ८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सौप्तिकपर्वमें रात्रियुद्धके प्रसंगमें पांचाल आदिका वधविषयक आठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल १५९ १/२ श्लोक हैं।)
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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