Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.155-156h: पाण्डवों आदि के सामने उन्हें कौन मार सकता था? उस अवस्था में तो स्वयं देवराज इन्द्र भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते थे। हे प्रभु! हे मनुष्यों के स्वामी! यह घटना उस रात्रि में घटी, जब सभी सो रहे थे। | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
को हि तेषां समक्षं तान् हन्यादपि मरुत्पति:॥ १५५॥
एतदीदृशकं वृत्तं राजन् सुप्तजने विभो।
अनुवाद
पाण्डवों आदि के सामने उन्हें कौन मार सकता था? उस अवस्था में तो स्वयं देवराज इन्द्र भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते थे। हे प्रभु! हे मनुष्यों के स्वामी! यह घटना उस रात्रि में घटी, जब सभी सो रहे थे।
Who could kill them in front of the Pandavas etc.? Even the king of gods Indra himself could not harm them in that condition. O Lord! O Lord of men! This incident occurred that night when everyone was asleep.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥