Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.136-137: उनकी उंगलियाँ पीछे की ओर मुड़ी हुई थीं। वे खुरदुरे, बदसूरत थे और भयंकर दहाड़ते थे। उनमें से कई घंटियों की माला पहने हुए थे। उनकी गर्दन पर एक नीला निशान था। वे बहुत डरावने लग रहे थे। उनकी पत्नियाँ और बेटे भी उनके साथ थे। वे बेहद क्रूर और निर्दयी थे। उनकी ओर देखना भी बहुत मुश्किल था। उन राक्षसों के विभिन्न रूप वहाँ दिखाई दे रहे थे। | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनकी उंगलियाँ पीछे की ओर मुड़ी हुई थीं। वे खुरदुरे, बदसूरत थे और भयंकर दहाड़ते थे। उनमें से कई घंटियों की माला पहने हुए थे। उनकी गर्दन पर एक नीला निशान था। वे बहुत डरावने लग रहे थे। उनकी पत्नियाँ और बेटे भी उनके साथ थे। वे बेहद क्रूर और निर्दयी थे। उनकी ओर देखना भी बहुत मुश्किल था। उन राक्षसों के विभिन्न रूप वहाँ दिखाई दे रहे थे।
Their fingers were pointed backwards. They were rough, ugly and roared terribly. Many of them wore garlands of bells. There was a blue mark on their neck. They looked very scary. Their wives and sons were also with them. They were extremely cruel and ruthless. It was very difficult to even look at them. Various forms of those demons were visible there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥