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mahabharat 10.8.131: एक ओर लोग आग में जल रहे थे और दूसरी ओर अश्वत्थामा के हाथों मारे जा रहे थे। ऐसी स्थिति में वे सभी योद्धा स्वयं ही एक-दूसरे को यमलोक भेजने लगे।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  10.8.131 
दह्यमाना हुताशेन वध्यमानाश्च तेन ते।
परस्परं तदा योधा अनयन् यमसादनम्॥ १३१॥
 
 
अनुवाद
एक ओर लोग आग में जल रहे थे और दूसरी ओर अश्वत्थामा के हाथों मारे जा रहे थे। ऐसी स्थिति में वे सभी योद्धा स्वयं ही एक-दूसरे को यमलोक भेजने लगे।
 
On one side people were burning in fire and on the other side they were getting killed at the hands of Ashwatthama. In such a situation all those warriors themselves began sending each other to Yamaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)