श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  10.8.126 
तदिदं न: कृतं घोरं रक्षोभि: क्रूरकर्मभि:।
इति लालप्यमाना: स्म शेरते बहवो जना:॥ १२६॥
 
 
अनुवाद
आज क्रूर राक्षसों ने हमारी ऐसी भयंकर दुर्दशा कर दी है।’ इस प्रकार विलाप करते हुए बहुत से लोग युद्धस्थल में सो रहे थे॥126॥
 
Today we have been subjected to such a terrible plight by the cruel demons.' Many people were sleeping on the battle-field lamenting in this manner.॥ 126॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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