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mahabharat 10.8.11-12h: वहाँ युद्धभूमि में महान पराक्रम करने के बाद थके हुए पांचाल योद्धा अपने सैनिकों से घिरे हुए शांतिपूर्वक सो रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  10.8.11-12h 
ते तु कृत्वा महत् कर्म श्रान्ताश्च बलवद् रणे॥ ११॥
प्रसुप्ताश्चैव विश्वस्ता: स्वसैन्यपरिवारिता:।
 
 
अनुवाद
वहाँ युद्धभूमि में महान पराक्रम करने के बाद थके हुए पांचाल योद्धा अपने सैनिकों से घिरे हुए शांतिपूर्वक सो रहे थे।
 
There the Panchala warriors, exhausted after performing great feats on the battlefield, were sleeping peacefully, surrounded by their soldiers. 11 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)