Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.8.109-110h: महाराज! कृपाचार्य और दुष्टबुद्धि कृतवर्मा दोनों ही द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को यथासम्भव प्रसन्न करना चाहते थे; इसलिए उन्होंने शिविर में तीन ओर से आग लगा दी। | mahabharat अध्याय 10.8: अश्वत्थामाके द्वारा रात्रिमें सोये हुए पांचाल आदि समस्त वीरोंका संहार तथा फाटकसे निकलकर भागते हुए योद्धाओंका कृतवर्मा और कृपाचार्य द्वारा वध । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! कृपाचार्य और दुष्टबुद्धि कृतवर्मा दोनों ही द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को यथासम्भव प्रसन्न करना चाहते थे; इसलिए उन्होंने शिविर में तीन ओर से आग लगा दी।
Maharaj! Both Krupacharya and the evil-minded Kritavarma wanted to please Drona's son Ashwatthama as much as possible; therefore, they set fire to the camp from three sides.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥