श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  10.7.38 
चूडाला: कर्णिकाराश्च प्रहृष्टा: पिठरोदरा:।
अतिह्रस्वातिदीर्घाश्च प्रलम्बाश्चातिभैरवा:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
कुछ के सिर पर कलगी थी। कुछ ने ओलियंडर के फूल पहने थे। कई दरबारी खुशी से झूम रहे थे। कुछ के पेट बर्तनों जैसे दिख रहे थे। कुछ बहुत छोटे थे, कुछ बहुत मोटे, कुछ बहुत लंबे और कुछ बहुत डरावने।
 
Some had crests on their heads. Some wore oleander flowers. Many of the courtiers were beaming with joy. Some had bellies that looked like pots or pans. Some were very short, some very fat, some very tall and some were very scary.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)